श्री शुक्र का मंत्र - कमजोर शुक्र जीवन में सुख-सुविधाओं की कमी का कारण बन सकता है। मूत्र संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में शुक्र मंत्रों का जाप करना चाहिए। शुक्ल पक्ष के शुक्रवार से शुक्र मंत्रों का जाप शुरू करना चाहिए। शुक्र मंत्रों का जाप सूर्योदय के समय करना चाहिए। शुक्र बीज मंत्र
ऊँ ह्रीं श्रीं शुक्राय नम:
ऊँ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:
ऊँ वस्त्रं मे देहि शुक्राय स्वाहा
शुक्र का वैदिक मंत्र
ऊँ अन्नात्परिस्रुतो रसं ब्रह्मणा व्यपिबत क्षत्रं पय: सेमं प्रजापति: ।
ऋतेन सत्यमिन्दियं विपान ग्वं, शुक्रमन्धस इन्द्रस्येन्द्रियमिदं पयोय्मृतं मधु ।
नाम मंत्र
ऊँ शुं शुक्राय नम:
शुक्र का पौराणिक मंत्र
ऊँ हिमकुन्दमृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम सर्वशास्त्रप्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम ।"