श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा
श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा image

श्री झूलेलाल आरती- ॐ जय दूलह देवा

Shri Jhulelal Om Jai Doolah DevaSung at Cheti Chand and in Sindhi gatherings, this aarti greets Jhulelal - Varun Dev, Lal Sai, Zinda Pir - as Doolah Lal, in Sindhi words throughout.
🕉
चेटी चंड जैसे त्यौहारों तथा सिंधी समाज के अन्य कार्यक्रमों में सबसे ज्यादा गाई जाने वाली आरती। भगवान झूलेलाल के प्रत्येक मंदिर में यह आरती सुवह-शाम अवश्य गायी जाती है। भगवान झूलेलाल को लाल साई, उदेरो लाल, वरुण देव, दूलह लाल, दरिया लाल और जिंदा पीर भी कहा जाता है।ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा । पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥ तुहिंजे दर दे केई, सजण अचनि सवाली । दान वठन सभु दिलि, सां कोन दिठुभ खाली ॥ ॥ ॐ जय दूलह देवा...॥ अंधड़नि खे दिनव, अखडियूँ - दुखियनि खे दारुं । पाए मन जूं मुरादूं, सेवक कनि थारू ॥ ॥ ॐ जय दूलह देवा...॥ फल फूलमेवा सब्जिऊ, पोखनि मंझि पचिन । तुहिजे महिर मयासा अन्न, बि आपर अपार थियनी ॥ ॥ ॐ जय दूलह देवा...॥ ज्योति जगे थी जगु में, लाल तुहिंजी लाली । अमरलाल अचु मूं वटी, हे विश्व संदा वाली ॥ ॥ ॐ जय दूलह देवा...॥ जगु जा जीव सभेई, पाणिअ बिन प्यास । जेठानंद आनंद कर, पूरन करियो आशा ॥ ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा । पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥

प्रिंट योग्य बोल चित्र

वैकल्पिक। प्रिंट, साझा करने और छवि खोज के लिए उपयोगी।
अंग्रेज़ी लिप्यंतरण में भी उपलब्ध