श्री चित्रगुप्त स्तुति
श्री चित्रगुप्त स्तुति image

श्री चित्रगुप्त स्तुति

Shri Chitragupt StutiSurrendering again and again at his feet, the Shri Chitragupt Stuti addresses him as Yamesha and Lekhanidhari, knower of what is good and what is not.
🕉
जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम् । जय पूज्यपद पद्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥जय देव देव दयानिधे, जय दीनबन्धु कृपानिधे । कर्मेश जय धर्मेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय चित्र अवतारी प्रभो, जय लेखनीधारी विभो । जय श्यामतम, चित्रेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ पुर्वज व भगवत अंश जय, कास्यथ कुल, अवतंश जय । जय शक्ति, बुद्धि विशेष तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय विज्ञ क्षत्रिय धर्म के, ज्ञाता शुभाशुभ कर्म के । जय शांति न्यायाधीश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय दीन अनुरागी हरी, चाहें दया दृष्टि तेरी । कीजै कृपा करूणेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ तब नाथ नाम प्रताप से, छुट जायें भव, त्रयताप से । हो दूर सर्व कलेश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ जय चित्रगुप्त यमेश तव, शरणागतम् शरणागतम् । जय पूज्य पद पद्येश तव, शरणागतम् शरणागतम् ॥ Read Also: » चित्रगुप्त आरती! | चित्रगुप्त चालीसा | भगवान राम के राजतिलक में निमंत्रण से छूटे भगवान चित्रगुप्त!

प्रिंट योग्य बोल चित्र

वैकल्पिक। प्रिंट, साझा करने और छवि खोज के लिए उपयोगी।
अंग्रेज़ी लिप्यंतरण में भी उपलब्ध